Maut Shayari Best Collection 2022 | Death Shayari Kafan Shayari

Do Ghaz Zamin Sahi Meri Milkiyat Toh Hai,
Ai Maut Tu Ne Mujh Ko Zamindar Kar Diya.
दो गज़ ज़मीन सही मेरी मिल्कियत तो है,
ऐ मौत तूने मुझको ज़मींदार कर दिया।

Uss Se Bichhde Toh Maloom Hua Maut Bhi Koi Cheej Hai,
Zindagi Woh Thi Jo Uski Mahfil Mein Gujaar Aaye.
उससे बिछड़े तो मालूम हुआ मौत भी कोई चीज़ है,
ज़िन्दगी वो थी जो उसकी महफ़िल में गुज़ार आए।

Sanson Ke Silsile Ko Na Do Zindagi Ka Naam,
Jeene Ke Bawajood Bhi Mar Jaate Hain Kuchh Log.
साँसों के सिलसिले को न दो ज़िंदगी का नाम,
जीने के बावजूद भी मर जाते हैं कुछ लोग।

Kahan Dhoondhoge Mujhko, Mera Pata Lete Jao,
Ek Kabr Nai Hogi Us Par Jalta Diya Ho.
कहाँ ढूंढोगे मुझको, मेरा पता लेते जाओ,
एक कब्र नई होगी उस पर जलता दिया होगा।

Tum Dard Bhi Ho Mera Aur Dard Ki Dawa Bhi Ho,
Meri Maut Ka Karan Bhi Ho Tum, Jeene Ki Vajah Bhi Ho,
Khuli Nazro Se Tum Door Ho Bahut Mujhse,
Band Ankhon Me Har Jagah Mere Paas Bhi Ho Tum.
तुम दर्द भी हो मेरा और दर्द की दवा भी हो,
मेरी मौत का कारण भी हो तुम, जीने की वजह भी हो,
खुली नज़रो से तुम दूर हो बहुत मुझसे,
बंद आँखों में हर जगह मेरे पास भी हो तुम।

Ik Tum Ho Jise Pyar Bhi Yaad Nahi,
Ik Mein Hun Jise Or Kuch Yaad Nahi,
Zindagi Maut Ke Do Hi To Tarane Hain,
Ik Tume Yaad Nahi Ik Mujhe Yad Nahi.
इक तुम हो जिसे प्यार भी याद नहीं,
इक में हूँ जिसे और कुछ याद नहीं,
ज़िन्दगी मौत के दो ही तो तराने हैं,
इक तुम्हें याद नहीं इक मुझे याद नहीं।

जिन्दगी कशमकश-ए-इश्क के आगाज का नाम,
मौत अंजाम इसी दर्द के अफसाने का।
Zindagi KashmKash-e-Ishq Ke Aagaz Ka Naam,
Maut Anjaam Hai Isee Dard Ke Afsaane Ka.

यूँ तो हादसों में गुजरी है हमारी ज़िन्दगी,
हादसा ये भी कम नहीं कि हमें मौत न मिली।
Yun To Haadson Mein Gujri Hai Humari Zindagi,
Haadsa Ye Bhi Kam Nahi Ki Humein Maut Na Mili.

जीते जी कदर करनी हो तो करो
वरना मौत के बाद नफरत
करने वाले भी रो देता हे।
मौत आ जाये सुलगती जिंदगी
से तो बहेतर हे
अब दिल के अरमानो का हमसे मातम
नहीं होता।
उडा ले जाएँगी चंद सासे हे वो
इससे ज्यादा मौत मेरा क्या ले जाएँगी।

मेरी जिंदगी में अब तुम्हारे शिवा
कोई नहीं आयेंगा
मौत ही हे एक जिसका में
वादा नहीं करता।
जीने की वजह तक नहीं पूछी सारी
उम्र किसीने और
मौत के दिन सबने पूछा की
कैसे मरा।

जरा दीदार तो कर लो
मेरे चहेरे से कफ़न हटा कर
बंद हो गई हे वो आंखे ये बेवफा
जिन्हे तुम रुलाया करते थे।
लोग बदनाम करते हे मौत को तो यु ही
तकलीफ तो साली जिंदगी देती हे।

तुम समझते हो की मुझे जीने
की तलब हे
मगर मेतो जिन्दा इस आस में हु
की मरना कब हे।
फैसला नेक हे ये मौत तेरा
श्मशान में हर गरीब और अमीर का
बिस्तर एक हे।

उन्हें न देना मेरी मौत की
खबर दोस्तों
कही इस ख़ुशी में पागल न हो जाये।

बेवफा न कहे तुजे इस दुनिया में
इसलिए जी रहा हु
वरना मरने की इच्छा तो हर
दूसरे दिन होती हे।

जीना सीखा देंगे मौत को भी
बुजी जो शमा उसे भी जला देंगे
दुनिया में जिस दिन हम आएंगे
उस दिन दुश्मनो को भी रुला देंगे।